भारत की सबसे लंबी सुरंग - पीर पंजाल रेलवे सुरंग

पीर पंजाल रेलवे सुरंग, जिसे बनिहाल-काजीगुंड रेलवे सुरंग या बनिहाल रेल सुरंग भी कहा जाता है, भारत की सबसे लंबी और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी रेलवे सुरंग है। 

भारत की सबसे लंबी सुरंग - पीर पंजाल रेलवे सुरंग

निर्माण और स्थान

यह सुरंग जम्मू-कश्मीर के कठिन हिमालयी इलाके में पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के नीचे बनाई गई है। यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर घाटी को भारत के मुख्य रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है। निर्माण कार्य नवंबर 2005 में शुरू हुआ और जून 2013 में पूरा हुआ, लगभग 8 साल की मेहनत और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में इसे तैयार किया गया।

तकनीकी विशेषताएं

  • लंबाई: लगभग 11.215 किलोमीटर, जो भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग है।
  • चौड़ाई: 8.4 मीटर, जिसमें सिंगल ट्यूब ब्रॉड गेज ट्रैक है।
  • ऊँचाई: 7.39 मीटर।
  • औसत ऊँचाई: 1,760 मीटर (5,770 फ़ुट), जवाहर सुरंग से 440 मीटर नीचे।
  • ट्रेन को सुरंग पार करने में लगभग 9 मिनट का समय लगता है।
इस सुरंग के निर्माण में न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग विधि (NATM) का इस्तेमाल किया गया, जिससे यह भारत की पहली इस तकनीक से बनी सुरंग बनी। एयर वेंटिलेशन, ऑटोमेटिक सिग्नलिंग, मॉनिटरिंग सिस्टम, पर्याप्त लाइटिंग और इमरजेंसी एग्जिट जैसी आधुनिक सुविधाएं इसमें मौजूद हैं। सुरंग के अंदर रेल पटरी के साथ-साथ 3 मीटर चौड़ी सड़क भी बनी है, जिससे आपातकाल में सहायता पहुंचाई जा सकती है।

महत्व और प्रभाव

  • यह सुरंग हर मौसम में ट्रेनों की आवाजाही सुनिश्चित करती है जबकि जवाहर सुरंग सर्दियों में अक्सर बर्फबारी के कारण बंद हो जाती है।
  • कनेक्टिविटी बेहतर होने से घाटी क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज हुआ है, यात्री यात्रा का समय भी काफी कम हुआ है।
  • यह सुरंग इंजीनियरिंग की एक अद्भुत उपलब्धि मानी जाती है, जिसने ऊँचे पहाड़ों के नीचे से रेलवे लिंक बनाकर इतिहास रच दिया।

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