भारतीय इतिहास काॅन्ग्रेस (Indian History Congress) के बारे में सामान्य जानकारी

भारतीय इतिहास संशोधक मंडल (Bharata Itihasa Samshodhaka Mandala – BISM) ने वर्ष 1935 में अपनी रजत जयंती के अवसर पर एक अखिल भारतीय कांग्रेस का आयोजन किया। इसी क्रम में, भारतीय इतिहास कांग्रेस ने शोध के क्षेत्र को सुदृढ़ करने हेतु वर्ष 1946 में सरकार से एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की थी जिसमें शोधकर्ताओं को अभिलेखागार तक पहुँच प्रदान करने की मांग की गई थी।

भारतीय इतिहास काॅन्ग्रेस

वर्ष 1948 से भारतीय इतिहास कांग्रेस देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में इतिहास विषय के विकास और उसके पाठ्यक्रमों को समृद्ध बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। इसका उद्देश्य इतिहास के अध्ययन और शोध को व्यापक, वैज्ञानिक और निष्पक्ष रूप में प्रोत्साहित करना रहा है।

भारतीय इतिहास कांग्रेस की प्रमुख भूमिकाएँ इस प्रकार हैं:
  • इतिहास संबंधी शोध कार्यों के मानकों को विनियमित करना।
  • मौलिक एवं निष्पक्ष ऐतिहासिक अध्ययन को बढ़ावा देना।
  • पूर्वाग्रह और राजनीति से परे वैज्ञानिक एवं वस्तुनिष्ठ इतिहास को प्रोत्साहित करना।

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